पूजा विधि मंत्र सहित

स्नपन

देवस्नपन दक्षिण वेदी – प्राण प्रतिष्ठा विधि

कुशादि से आच्छादित दक्षिणवेदी पर प्रतिमा को पूर्वाभिमुख स्थापित करे : ॐ स्तीर्णं बर्हि: सुष्टरीमा जुषाणोरुपृथु प्रथमानं पृथिव्याम्‌ । दवेर्भिर्युक्तमदिति: सजोषा:स्योनं कृण्वाना सुविते दधातु ॥ ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवा ᳪ सस्तनूभिर्व्यशेमहि देवहितं यदायुः ॥

स्नपन

देव स्नपन – प्राण प्रतिष्ठा विधि

प्रतिमा निर्माण, प्रतिमा निर्माण में मुहूर्त दोष, प्रतिमा निर्माण में हुई जीवहत्या, अनुक्तमंत्र प्रयोग, स्पृष्य दोष, स्थान दोष आदि अनेक दोषों के निवारण हेतु स्नपन अनिवार्य होता है।

मंडप

यज्ञ मंडप पूजन विधि

यज्ञ-प्राणप्रतिष्ठा आदि में मंडप पूजन की विशेष विधि बताई गयी है। यहाँ आपकी सुविधा के लिये सम्पूर्ण मंडप पूजन विधि उपलब्ध किया गया है।

अधिवास

पुष्पाधिवास विधि – प्राण प्रतिष्ठा विधि

संकल्प मंत्र : ॐ अद्यादि ……………………… प्रतिष्ठाङ्गगत्वेन प्रतिमासंशुद्ध्यर्थं ममगृहे प्रचुरधान्यपुत्र-पौत्रादिसुखसम्पत्यादि अभिवृद्धयर्थं पुष्पाधिवासं करिष्ये ॥

अधिवास

शय्याधिवास – प्राण प्रतिष्ठा विधि

धान्याधिवास के उपरांत क्रमशः जो भी अन्य अधिवास करना हो करके स्नपन करे।
स्नपन के बाद पुरुष सुक्तादि से स्तुति करे।
सजाया हुआ रथ तैयार करे इन मंत्रों से प्रतिमाओं को उठाये :

मंडप

वास्तु शांति पूजा विधि – गृह वास्तु, मंडपांग वास्तु

वास्तु शांति पूजा विधि – गृह वास्तु, मंडपांग वास्तु ~ यदि नया घर बनाया गया हो तो वास्तु शांति की विधि सर्वविदित है।
यदि पुराना घर हो तो भी वास्तु शांति अपेक्षित होती है।
यदि पुराने घर के ऊपर या बगल में नया घर बनाया जाता है तो उसमें भी मुख्य रूप से वास्तु शांति ही कर्तव्य होता है।

Pran Pratishtha, प्रतिष्ठा

प्राण प्रतिष्ठा विधि – विधि-विधान की सम्पूर्ण जानकारी

इस आलेख में सर्व देव प्राण प्रतिष्ठा विधि की विस्तृत जानकारी दी गयी है। मातृकादि पूजन पूर्वक आरंभ, संकल्प मंत्र, जलयात्रा, नेत्रोन्मीलन, अग्न्युत्तारण, जलाधिवास, धान्याधिवास, शय्याधिवास, वेदी पूजन, हवन आदि सभी विषयों की विस्तृत विधि का वर्णन करते हुये सबके लिंक भी दिये गये हैं।

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